भारत का प्राकृतिक विभाजन – दक्षिण का प्रायद्वीपीय पठार

भारत को प्राकृतिक विभाजन – मुख्यतः 4 भागों में विभाजित किया गया है —

1. दक्षिण का प्रायद्वीपीय पठार
2. हिमालय का उत्तरी पर्वतीय प्रदेश
3. गंगा का मैदान
4. भारत के तटीय प्रदेश व द्वीप समूह
युगल जोड़े की पसंदीदा जगह – मनगट्टा वन्य जिव पार्क – राजनांदगांव

दक्षिण का  प्रायद्वीपीय पठार

  • गुजरात से लेकर केरल तक 1700 की.मी. और गुजरात से लेकर प.बंगाल तक 1400 की.मी. एक त्रिभुजाकार आकृति में लगभग 16 लाख वर्ग की.मी. खेत्र्फ्ल में फैला हुआ है ।
  • इसके उत्तर में गंगा का मैदान, दक्षिण में निलगिरी पर्वत श्रेणी, पूर्व में पूर्वी तट तथा पश्चिम में पश्चिमी तट स्थित है ।
  • यह भारत का सबसे बड़ा प्राकृतिक प्रदेश है ।
  • यह सबसे प्राचीन भूखंड है ।
  • इसके अधिकाँश भाग में काली मिटटी पाई जाति है ।
  • यह एक “गोंडवाना लैंड” का भाग है ।
  • इसकी जलवायु उष्णकटिबंधीय होती है ।
  • यहाँ औसतन वर्षा 100 से,मी. होती है ।
  • इसकी औसतन ऊंचाई 600 मीटर है ।
  • लगभग सभी पठार इसी प्रदेश या भाग में पाए जाते है ।
क्यों कहलाता है मिनी गोवा   – गंगरेल डैम – मिनी गोवा

भारत का प्राकृतिक विभाजन – दक्षिण का  प्रायद्वीपीय पठार

भारत का प्राकृतिक विभाजन - दक्षिण का  प्रायद्वीपीय पठार
 

भारत के प्रमुख पठार

  • मालवा का पठार – मध्यप्रदेश – भोपाल, इन्दोर, उज्जैन तथा खंडवा ।
  • मध्य भारत का पठार – मध्यप्रदेश – ग्वालियर, शिवपुरी तथा मुरैना ।
  • बुंदेलखंड का पठार – मध्यप्रदेश – टीकमगढ़, दतिया, रीवा तथा झाँसी (उ.प्र.) ।
  • बघेलखंड का पठार – मध्य प्रदेश तथा छ. ग. –  सीधी, शहडोल, कोरिया, सूरजपुर तथा बलरामपुर ।
  • छोटा नागपुर का पठार – झारखंड ।
  • तेलंगाना का पठार – तेलंगाना ।
  • दक्कन का पठार – महाराष्ट्र ।
  • मैसूर का पठार – मैसूर ।

दक्षिण पठार के अंतर्गत पर्वत श्रेणी

अरावली पर्वत

  • विस्तार – अहमदाबाद से दिल्ली तक
  • ऊँची चोटी – गुर शिखर ( 1722 मीटर )
  • पर्यटन स्थल – माउंट आबू ( राजस्थान )
  • अन्य पहाड़ी – जरगा पहाड़ी ( उदयपुर – राजस्थान ) तथा हर्षनाथ पहाड़ी – ( अलवर – राजस्थान )

सतपुड़ा पर्वत

  • विस्तार – गुजरात से छतीसगढ़ तक ।
  • ऊँची चोटी – धुपगढ़ ( 1350 मीटर ) महादेव पर्वत श्रेणी में स्थित ।
  • पर्यटन स्थल – बांधवगढ़, पेंच नेशनल पार्क कान्हा किसली आदि ।
  • अन्य पहाड़ी – महादेव, मैकाल, मुलताई तथा अजंता श्रेणी ।
विशेष – विध्यांचल पर्वत नर्मदा नदी सतपुड़ा पर्वत के समानांतर है और सतपुड़ा को  जंगलो की रानी कहा जाता है।

सहाय्द्री पर्वत

  • विस्तार -महाराष्ट्र से केरल तक ।
  • ऊँची चोटी – कालसुबई ( 1664 मीटर ) कुट्रिमुख ( 1892 मीटर ) ।
  • पर्यटन स्थल – महाबलेश्वर, लोनावला, खंडाला आदि ।
  • दर्रें – भोरघाट ( मुंबई पुणे राजमार्ग ) थालघाट ( मुंबई हावड़ा राजमार्ग ) ।

विंध्यांचल पर्वत

विस्तार -गुजरात से बिहार तक ।
विंध्यांचल पर्वत भारत का सबसे बड़ा जल विभाजक पर्वत है (CGPSC Exam में पूछे जा सकते है ) इसी कारण उत्तर भारत की नदियाँ उत्तर में तथा दक्षिण भारत की नदियाँ दक्षिण में ही प्रवाहित होती है ।
अन्य पर्वत – राजमहल तथा कैमूर
 

अन्नामलाई पर्वत

  • विस्तार -केरल व तमिलनाडु के बीच।
  • ऊँची चोटी – अन्नाईमुड़ी ( 2695 मीटर ) यह दक्षिण भारत की सबसे ऊँची चोटी है ।
  • अन्य पहाड़ियां  – कारडेमम तथा  शोलावन ( कारडेमम इलायची के लिए प्रसिद्ध है )
  • दर्रा – पालघाट दर्रा

निलगिरी पर्वत

  • विस्तार – तमिलनाडु व कर्नाटक के बीच।
  • ऊँची चोटी – दोदाबेटा ( 2637 मीटर ) यह पर्वत पूर्वी भारत को पश्चिमी भारत से जोड़ता है ।
  • अन्य पहाड़ियां  – सत्यमंगलम, मेलागिरी (चन्दन की लकड़ियों के लिए प्रसिद्ध ) ।
विशेष  – दक्षिण भारत का हॉलीवुड कहा जाता है । ऊटी पर्वत शहर तमिलनाडु में निलगिरी पर्वत श्रेणी में स्थित है।

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