थियोसोफिकल सोसाइटी – ऐनी बेसेंट

थियोसोफिकल शब्द थियोसोफी से बना है और थियोसोफी शब्द थियोसिं सोफिया से बना है । जिसमें थियोस का अर्थ है “ईश्वर” तथा सोफिया शब्द का अर्थ है “ज्ञान” । इस प्रकार थियोसोफिकल शब्द का अर्थ है “ईश्वरीय ज्ञान” ।
स्थापना – 1875
स्थान – न्युयोर्क 
संस्थापक – कर्नल हेनरी अल्काट और मैडम हेलेना पेट्रासना प्लावत्सकी
 

थियोसोफिकल सोसाइटी के दर्शन व सिद्धांत

थियोसोफिकल सोसायटी ब्राह्मण तथा बौद्ध ग्रंथों से प्रभावित था । यह हिन्दू धर्म के अध्यात्मिक दर्शन,  उसके सिद्धांत, जन्म-पुनर्जन्म, मोक्ष-निर्वाण तथा कर्म पर विश्वाश करती थी 
 
इस संसथान ने कातिवाद का विरोध किया था तथा विधवाओं की दशा सुधारने का प्रयास किया 
 

थियोसोफिकल सोसाइटी

थियोसोफिकल सोसाइटी

भारत में थियोसोफिकल सोसायटी 

 
  • भारत में 1882 में मद्रास (चेन्नई) के निकट अडयार में थियोसोफिकल सोसायटी का अंतर्राष्ट्रीय कार्यालय खोला गया । 
  • 1889 में ऐनी बेसेंट इस सोसायटी की इंग्लैंड में सदस्य बनी 
  • 1893 में थियोसोफिकल सोसायटी के विचारों के प्रचार प्रसार हेतु ऐनी बेसेंट भारत आई 
  • भारतियों में राष्ट्रीय चेतना जागृत करने में ऐनी बेसेंट का अद्भुत योगदान रहा 
  • 1898 में भारत में शिक्षा के क्षेत्र में विकास के लिए इन्होने बनारस में “सेन्ट्रल हिन्दू कॉलेज” की स्थापना की 
  • इस कॉलेज का नाम  1915-16 में मदन मोहन मालवी द्वारा बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी (BHU) में तब्दील कर दिया गया 
  • ऐनी बेसेंट ने आयरलैंड के होमरूल के तर्ज पर भारत में होमरूल लिंग आन्दोलन का नेतृत्त्व किया 
  • 1917 में कांग्रेस की कलकत्ता अधिवेशन की अध्यक्षता ऐनी बेसेंट ने की 
  • कांग्रेस की अध्यक्षता करने वाली वह प्रथम महिला थी 
 

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