सिन्धु नदी अपवाह तंत्र

सिन्धु नदी

 
प्राचीन नाम – हिरण्यनी ।
उदगम – कैलाश पर्वत मानसरोवर झील तिब्बत के पठार से ।
विसर्जन – पाकिस्तान में करांची के निकट अरब सागर में ।
लम्बाई – 2880 किलोमीटर ( भारत में केवल 114 किलोमीटर बहती है )।
देश – तिन देशों में बहती है – चीन , भारत एवं पाकिस्तान ।
सबसे लम्बी सहायक नदी – चिनाब ।
सन 1960 में भारत, पाकिस्तान तथा चीन के मध्य सिन्धु नदी समझौता हुआ जिसमें भारत 20%, चीन 10% तथा पाकिस्तान 70% जल का उपभोग करेगा। सिन्धु नदी भारत से होकर बहने वाली सबसे लम्बी नदी है ।

झेलम नदी

प्राचीन नाम – विस्तता ।
उदगम – बेरिबाग पर्वत के शेषनाग झील जम्मू कश्मीर से ।
लम्बाई – 1180 किलोमीटर

चिनाब नदी

प्राचीन नाम – अस्कनी ।
उदगम – चंद्रभागा पर्वत हिमाचल प्रदेश से ।

रावी नदी

प्राचीन नाम – पुरुषणी ।
उदगम – हिमाचल प्रदेश के रोहतांग दर्रे से ।
लम्बाई – 720 किलोमीटर

व्यास नदी

प्राचीन नाम – विपाशा ।
उदगम – हिमाचल प्रदेश के कुल्लू घाटी से ।
लम्बाई – 7625 किलोमीटर

सतलज नदी

प्राचीन नाम – शतुद्री ।
उदगम – राकसताल झील तिब्बत के पठार से ।
लम्बाई – 1030 किलोमीटर

सिन्धु नदी अपवाह तंत्र

सिन्धु नदी अपवाह तंत्र

सतलज नदी की प्रमुख योजनायें

1. नाकता झाकरी परियोजना

यह हिमाचल प्रदेश में है- NTPC द्वारा निर्मित एशिया की सबसे बड़ी जल विद्युत परियोजना है 
 

2. भाखड़ा नांगल परियोजना

यह पंजाब में स्थित है – कंक्रीट ईंटों से निर्मित भारत का सबसे ऊँचा बाँध  तथा भारत की सबसे बड़ी बहुउद्देशीय परियोजना है
 

3. हरीकै बैराज परियोजना

यह पंजाब में स्थित है – इंदिरा गांधी नहर इसी परियोजना से ही संचालित होती है। नहर की लम्बाई 649 KM.
 
 
 

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