संसद की शक्तियां

संसद की शक्तियां निम्न होती है :-

  1. न्यायिक शक्ति
  2. कार्यपालिका शक्ति
  3. विधायी शक्ति
  4. वित्तीय शक्ति
  5. निर्वाचन की शक्ति
  6. अन्य शक्ति

1. संसद की शक्तियां- न्यायिक शक्ति

  1. राष्ट्रपति को हटा सकती है ।
  2. उपराष्ट्रपति को हटा सकती है ।
  3. सर्वोच्च न्यायालय तथा उच्च न्यायालय न्यायधीश को हटा सकती है ।
  4. CAG, CEG, UPSC हटा सकती है ।
ये सारी अर्धन्यायिक प्रक्रिया है ।

2. संसद की शक्तियां – कार्यपालिका शक्ति

  1. संसदीय शासन ।
  2. लोकसभा के प्रति – प्रश्न काल, शून्यकाल, ध्यानाकर्षण, प्रस्ताव, सरकारी विधेयक पारित नहीं करना आदि ।
  3. नियंत्रण के शासन ।
  4. CAG, CEG, UPSC हटा सकती है ।

3. संसद की शक्तियां – विधायी शक्ति

  1. देश में विधायन की सर्वोच्च संस्था ।
  2. सामान्य विधि संघ सूची के विधान ।
  3. अध्यादेश की स्वीकृति ।
  4. कार्यपालक विधि का ढांचा ।
  5. असामान्य परिस्थिति में राज्य सूची में कानून बना सकती है ।

4. संसद की शक्तियां – वित्तीय शक्ति

  1. वार्षिक बजट का अनुमोदन ।
  2. संचित, आकस्मिक निधि से धन निकालना ।
  3. वित्तीय नियंत्रण सामितियाँ ।

संसद की निधियां

संचित निधि 266 पहले पारित ।
  • भारित व्यय – मतदान की आवश्यकता नहीं ।
  • विनियोग – मतदान आवश्यक है ।

लोकलेखा निधि

आकस्मिक निधि 267

  • खर्च पहले किया जा सकता है बाद में राष्ट्रपति को सूचित किया जाता है ।

संसद की शक्तियाँ

संसद की शक्तियां

सामितियाँ

लोक लेखा समिति (DAC) 1921

  • सदस्यों का चुनाव अप्रत्यक्ष (लोकसभा से 15 एवं 7 राज्यसभा से – कुल 21 सदस्य) ।
  • सभापति – अध्यक्ष चुनता है ।
  • कार्य – CAG रिपोर्ट का अध्ययन ।
  • अध्यक्ष – मल्लिकार्जुन खड्गे ।

प्राकलन समिति  1921

  • 30 पुरे सदस्य लोक सभा से ।
  • मितव्ययिता के सुझाव ।
  • चुनाव अप्रत्यक्ष ।
  • अवधि – 1 वर्ष ।
इसमें मंत्री सदस्य नहीं हो सकते ।

लोक उपक्रम की समिति 

  • सदस्यों (लोकसभा से 15 एवं 7 राज्यसभा से – कुल 21 सदस्य) ।
  • लोक उपक्रम में सुझाव देगी एवं जांच करेगी ।
  • सभापति लोकसभा से होगा ।

5. संसद की शक्तियां – निर्वाचन शक्तियाँ

  1. राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, लोकसभा एवं राज्यसभा निर्वाचन सम्बन्धी नियम ।
  2. जनप्रतिनिधि अधिनियम 1951 ।
  3. राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति चुनाव अधिनयम 1952 ।

6. संसद की शक्तियां – अन्य शक्ति

  1. राज्य पुनर्गठन ।
  2. नागरिकता।
1993 से बजट संसद में जाना प्रारम्भ हुआ है ।
विशेषाधिकार – सामूहिक तथा व्यक्तिगत ।
व्यक्तिगत –
संसद के कार्य न्यायालय में पेश नहीं किया जाते ।
संसद सत्र के 90 दिन पूर्व एवं 40 दिन बाद गिरफ्तारी नहीं (दीवानी मामलों में लागू)।

संसदीय नियंत्रण की अप्रभाविता   

  • संविधान की सर्वोच्यत ।
  • लिखित संविधान ( लिखित संविधान होने के कारण न्यायालय को व्याख्या का अधिकार) ।
  • न्यायिक पुनराविलोकन
  • संघीय शासन

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